हरियाणा के कई जिलों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जिसके चलते प्रशासन को छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाने पड़े हैं। जींद, बहादुरगढ़ और रोहतक जैसे जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार बढ़ रहा है और स्थिति इतनी खराब हो गई कि सरकार को प्राथमिक कक्षाओं के स्कूल अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लेना पड़ा। यह फैसला बच्चों को प्रदूषण के खतरनाक असर से बचाने के लिए लिया गया है क्योंकि छोटे बच्चे विषैले धुएं और स्मॉग से जल्दी प्रभावित होते हैं।
जींद जिले में AQI 339 दर्ज किया गया और यहां पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। बहादुरगढ़ में प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा खतरनाक है जहां AQI 471 तक पहुंच गया। रोहतक में भी यह स्थिति चिंताजनक है, यहां AQI 432 दर्ज किया गया और इसके बावजूद स्कूल खुले रहने की बात कही गई है, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। लगातार पराली जलने, वाहनों के धुएं और मौसम में बदलाव की वजह से हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों पर स्वास्थ्य खतरा मंडरा रहा है।
Also Read: लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा
हरियाणा के कई क्षेत्रों में पराली जलाने का सिलसिला जारी है, जिसके चलते आसमान धुंए की मोटी परत से ढका हुआ है। फतेहाबाद और हिसार में भी पराली प्रबंधन को लेकर कई किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि किसान वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल करें ताकि राज्य में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
सरकार और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन फिलहाल छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद रखना ही सबसे सही फैसला माना जा रहा है। हवा की गुणवत्ता में सुधार होने तक अभिभावकों को भी सजग रहने की सलाह दी गई है ताकि बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
Also Read: KVS NVS Teaching and Non-Teaching Recruitment 2025



