निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में बड़े स्तर पर Special Intensive Revision (SIR) की शुरुआत कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य की वोटर लिस्ट को साल 2002 से 2024 तक की पुरानी लिस्ट के साथ मिलाया जाएगा। 22 साल पुराने रिकॉर्ड की यह जांच हरियाणा की अब तक की सबसे बड़ी वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया मानी जा रही है। इसके लिए राज्य में करीब 20,000 BLO घर-घर जाकर वोटर विवरण की जांच करेंगे।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) क्या है?
SIR एक व्यापक और गहन प्रक्रिया है जिसमें घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान की पुष्टि की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य एक सटीक, समावेशी और त्रुटि-रहित मतदाता सूची तैयार करना है।
- उद्देश्य: डुप्लीकेट (दोहरे) नामों, मृत व्यक्तियों, या अयोग्य प्रविष्टियों को हटाना और सभी पात्र नागरिकों (18 वर्ष से अधिक आयु वालों) को मतदाता सूची में शामिल करना।
- प्रक्रिया: बूथ स्तर के अधिकारी (Booth Level Officers – BLOs) घर-घर जाकर मौजूदा मतदाताओं और नए पात्र व्यक्तियों से जानकारी और आवश्यक दस्तावेज़ इकट्ठा करते हैं।
- कानूनी आधार: यह अभ्यास भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) के तहत किया जाता है।
हरियाणा में SIR क्यों किया जा रहा है
हरियाणा में 2002 और 2024 की वोटर लिस्ट में मौजूद नामों को मिलाकर गलतियों को हटाया जाएगा। न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि यह वेरिफिकेशन सख्त तरीके से किया जाए ताकि 2026 की वोटर लिस्ट पूरी तरह सही और अपडेटेड तैयार हो सके।
हरियाणा में SIR की मुख्य झलकियाँ
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| SIR का पूरा नाम | Special Intensive Revision (SIR) |
| कवर क्षेत्र | हरियाणा |
| किन वर्षों का मिलान | 2002 बनाम 2024 वोटर लिस्ट |
| कुल BLO लगाए गए | लगभग 20,000 |
| जांच का तरीका | घर-घर जाकर सत्यापन |
| मुख्य उद्देश्य | डुप्लीकेट, मृत और शिफ्टेड वोटरों को हटाना |
| अंतिम लक्ष्य वर्ष | 2026 से पहले अपडेटेड वोटर लिस्ट |
हरियाणा में BLO घर-घर जाकर क्या-क्या जांच करेंगे
• क्या वोटर उसी पते पर रह रहा है
• क्या वोटर शिफ्ट हो चुका है या उसकी मृत्यु हो चुकी है
• परिवार में किसी व्यक्ति का नाम दोहराया तो नहीं है
• उम्र या नाम में कोई त्रुटि
• कोई योग्य वोटर छूटा तो नहीं है
• क्या वोटर का नाम 2002 और 2024 दोनों सूची में सही दर्ज है
हरियाणा के लिए यह सफाई क्यों ज़रूरी है
न्यूज़ रिपोर्ट में बताया गया कि देशभर में पुरानी और नई लिस्ट का मिलान करने पर 2.07 करोड़ से अधिक वोटरों में गड़बड़ी पाई गई है। इसी वजह से हरियाणा में भी यह प्रक्रिया तेज़ी से की जा रही है ताकि:
• डुप्लीकेट वोटर हटें
• फर्जी और गलत एंट्री खत्म हों
• पुराना और गलत डेटा साफ हो
• वोटर लिस्ट भरोसेमंद और सटीक बने
हरियाणा में BLO की सुरक्षा पर भी जोर
रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल में 6 राज्यों में 16 BLO की मौत हुई है, जिसमें आत्महत्या, हार्ट अटैक और हादसे शामिल हैं। इसी वजह से हरियाणा में BLO को लेकर आयोग ने निर्देश दिए हैं कि:
• अनावश्यक दबाव न दिया जाए
• काम का बोझ संतुलित रखा जाए
• BLO की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए
SIR के बाद हरियाणा को क्या लाभ होगा
हरियाणा की वोटर लिस्ट अधिक साफ, सटीक और त्रुटि-रहित हो जाएगी। इस प्रक्रिया से:
• चुनावी पारदर्शिता बढ़ेगी
• फर्जी वोटिंग पर रोक लगेगी
• हर योग्य वोटर को सही प्रतिनिधित्व मिलेगा
• चुनावों की विश्वसनीयता मजबूत होगी

